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लखीमपुर-खीरी वृक्षों के कटान में विभागीय भूमिका संदिग्ध, उच्च अधिकारी नहीं ले रहे मामले को संज्ञान में।

लखीमपुर के थाना मितौली का मामला

लकडकट्टों के हौंसले बुलंद दिन दहाड़े पेड़ों पर चला आरा
 लखीमपुर-खीरी। मितौली थाना क्षेत्र की मढिया चौकी अंतर्गत पिपरझला से हरगांव मार्ग पर कठगूलर के लगे पेड़ों पर लकड़कट्टों द्वारा कठगूलर के वृक्षों को काटकर धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है, इस लकड़ी को काटकर के पहले एक जगह एकत्रित करने के बाद उसको ट्राली या ऑटो में भरकर ठेकियों पर बेची जा रही है सूत्र बता रहे हैं कटान इतना खुलेपन से किया जा रहा है जिससे पुलिस फॉरेस्ट की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। सरकारी जमीन पर लगे बृक्षों का इस प्रकार से लकडकट्टों द्वारा निडर होकर कटान किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ।सरकार एक तरफ लाखों रुपये खर्च कर बृक्षारोपड़ करा रही है तो वहीं पेड़ों पर हौसला बुलन्द लकड़ कट्टों द्वारा बे हिचक आरा चला कर हरियाली को नस्ट किया जा रहा है।
इस बाबत जब क्षेत्रीय बन रक्षक अफजाल खां से दूरभाष के माध्यम से वार्ता की गई, वार्ता के क्रम में बताया पिपरझला हरगांव मार्ग पे किसी भी लकडकट्टों द्वारा कोई भी पेड़ नहीं काटे गये है। कुछ पेड़ कठगूलर के पिछले वर्ष लोगों द्वारा काट लिए गए थे जो पेंड प्रतिबंधित नही होते हैं वह जमतुआ होते हैं ।जबकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन दिनों से लगातार कठगूलर के पेड़ काटे जा रहे हैं वह भी सरकारी सड़क के।
वहीं निमचेनी गांव स्थित बाग काटी गई थी जिस पर उक्त बनरक्षक से वार्ता की गई तब बताया कि जिन लोगों ने काटा था उन पर मुकदमा लिखवा दिया गया,अब हकीकत क्या हैं मुकदमा लिखाया गया है या फिर नहीं यह जांच का विषय है।
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